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भारत देश में राजतंत्र, शासनसत्ता के बीच में सोशल मीडिया देश के चौथे स्तम्भ पत्रकारिता क्षेत्र में श्री रवीश कुमार जी एक आनेस्ट, ईमानदार , निर्मोही, निर्लोभी, निरहंकारी , निर्भीक , निर्वाक स्वरूप में राष्ट्र की जो अति आवश्यकीय सामाजिक जनमानस की जो सत्य समस्यायें हैं उन समस्याओं को उठाने, व्यक्त करने वाला व सामाजिक घटनाओं दुर्घटनाओं को पूर्ण सत्य रूप में दूध का दूध और पानी का पानी कर देने में माहिर एक महान व्यक्तित्व है। जो असत्यवादी स्थितियों से परे धन वैभव, भोग ऐश्वर्य की प्रलोभनीय , लोभ लालसाओं से निर्मूल निर्भीक पत्रकार अपने कार्य दायित्वों को पत्रकारिता के क्षेत्र में जो सत्य रूप में पालनीय स्वरूपीय भारतीय संविधानीय नीति नियम अन्तर्गत उठाने वाला, चलाने वाला सत्य रूप में व्यक्त करने वाला निर्भीक होकर सोशल मीडिया पर पत्रकार के रूप में वे बेबाक दिखते हैं, बेबाक बोलते है । राजतंत्र व प्रजातंत्र से परे निष्पक्षीय रूप में भारत के जनमानस की समस्यायें खुलकर प्रदर्शित करते हैं। तथा राजतंत्र की व्यवस्थाई रूप की जो गलत असत्यीय अनीतिपरक बाते हैं उन्हें वे पूर्ण निडरता से वीडियो के माध्यम से समाजजनों व राजसत्ता के समक्ष बेबाक रूप से पेश करते हैं। उनकी दूर दृष्टि राजतंत्र और प्रजातंत्र के बीच में जो कोई असत्यता का स्वरूप आता है वे परतों दर परतों में खोल देते हैं। वे अति बुद्धि जीवी सर्वहितीय मानसिकता देश हितकारी, सर्व कल्याणीय मानसिकता रखने वाले अद्वितीय व्यक्तित्व हैं। मैं ऐसे महान सत्य के पुजारी को कोटि कोटि नमन करता हूँ ।

– डा० बनवारी लाल पीपर “शास्त्री”

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