मानसिक विकृतियों का बड़ा कारण: आलस्य और कर्महीन जीवनशैली – डॉ. बनवारी लाल पीपल “शास्त्री” आलस्य, अकर्मण्यता और कर्महीन जीवनशैली आज के समय में कई लोगों…
Author: Banwari Lal Shastri
जब व्यक्ति अपना सत्य पथ भूल कर असत् कर्मों में रत हो जाता डा० बनवारी लाल पीपर “शास्त्री” का विचार डॉ. बनवारी लाल पीपर “शास्त्री”…
आज दहेज के लालच में सामाजिक लोगों की मनो सोचीय खोखली मान्यताएं (क्योंकि आचार चरित्र कुछ और ,और वाह्य भाव विचारीय प्रदर्शनीय नाटक मीठे बोलने मधुरता…
सृजनसत्ता ने जो कर्ता, धर्ता , भर्ता , जीवन चेतना समापन कर्ता है। उसने सबके साथ पूर्ण परम सत्य ( जीव जन्तु, प्राणी ,पशुपक्षी ), मानव…
हे मेरे प्यारे आत्मिक भाइयों, माताओं, बहिनों , बेटियों , गृहलक्ष्मियों पाप आचार अपनाकर , कुकर्मों की फांश में बांधकर एक दूसरे को अपने ही आत्मिक…
वृक्षों की महिमा महान । इनमें ही जीवन रक्षक औषधियां मिलती हैं , जो प्रत्येक मानव (नर-नारी, स्त्री-पुरुषों ) को देती हैं स्वस्थ रहने का विधान…
बिन काज आज महाराज लाज गई मेरी। दु :ख हरौ द्वारिका नाथ शरण मैं तेरी ॥ दु:शासन वंश कठोर महा दुःख दायी। कर पकड़त चीर लाज…
वाह रे राष्ट्र के मंत्री पद ? जिनकी संताने अहंकार वशीभूत होकर निरपराध निर्दोषों पर गाड़ियां चढ़ाकर प्राण ले लेते हैं। जबकि वे लोग अपने दृष्टिकोण…
अब मनुष्य (नर-नारी , स्त्री-पुरुष ) के जीवन का क्या होगा अंजाम, बचा ले ऐ मौला ऐ राम । रिपोँट : डा० बनवारी लाल पीपर “शास्त्री”…
वैवाहिक स्वरूप का पूर्ण परम सत्य, सुख, शान्ति , आनंद यदि लेना चाहते हो तो ? सत्य भार्या, सहधर्मिणी, सहसंगिनी का स्वरूप सत्य आचारीय सम्पूर्ण पूर्ण…





