अमेरिका का बड़ा झटका! 20 लाख नौकरियाँ खतरे में”
नमस्कार, आप देख रहे हैं Focus News 24×7 और मैं हूँ रिपोँटर विनय कुमार
आज की सबसे बड़ी आर्थिक खबर अमेरिका और भारत के बीच बढ़ते व्यापारिक तनाव को लेकर है।
अमेरिका ने भारतीय आयात पर दोहरे टैरिफ लागू कर दिए हैं। यानी जो टैरिफ पहले 25 प्रतिशत था, वह अब सीधे 50 प्रतिशत तक पहुँच गया है। यह फैसला मुख्य रूप से भारत द्वारा रूस से सस्ता तेल खरीदने के कारण लिया गया बताया जा रहा है।
इस कदम का सीधा असर भारत के उन उद्योगों पर पड़ा है, जो अमेरिका में बड़े पैमाने पर निर्यात करते हैं। इनमें शामिल हैं –
कपड़ा उद्योग (Textile Industry)
रत्न और आभूषण उद्योग (Gems & Jewellery)
जूता और लेदर उद्योग (Footwear & Leather Industry)
रसायन उद्योग (Chemical Industry)
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका का यह टैरिफ फैसला करीब 20 लाख नौकरियों को खतरे में डाल सकता है। खासतौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गृहराज्य गुजरात, और साथ ही राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में इसका असर गहरा होगा।
👉 लेदर इंडस्ट्री पर असर
भारत की लेदर और फुटवियर इंडस्ट्री का सालाना निर्यात करीब 6 अरब डॉलर का है, जिसमें सबसे बड़ा बाज़ार अमेरिका है। अब 50% टैरिफ लगने से भारतीय लेदर प्रोडक्ट्स की कीमत बढ़ जाएगी और उनकी ग्लोबल प्रतिस्पर्धा कम हो जाएगी। इससे कानपुर, आगरा, चेन्नई और कोलकाता जैसे प्रमुख लेदर हब पर रोजगार और उत्पादन दोनों पर गहरा संकट आ सकता है।
👉 सरकार की रणनीति
इस चुनौती से निपटने के लिए भारत सरकार ने तीन स्तरीय रणनीति बनाई है –
1. निर्यात विविधीकरण – यानी अमेरिका पर निर्भरता कम कर, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, यूरोप और यूएई जैसे देशों में नए बाज़ार तलाशना।
2. वित्तीय सहायता पैकेज – प्रभावित उद्योगों को सब्सिडी, टैक्स राहत और बैंक लोन में आसानी देकर बचाना।
3. नए व्यापार समझौते – भारत जल्द ही ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर काम कर रहा है, जिससे भारतीय निर्यातकों को बड़ा बाज़ार मिलेगा।
अब सबकी नज़र इस बात पर टिकी है कि क्या भारत की यह रणनीति अमेरिका के इस बड़े आर्थिक दबाव को संतुलित कर पाएगी या नहीं।






