परमेश्वरीय प्रकृतिसत्ता सर्व समर्थ सर्वशक्तिमान सर्वदाता प्रदाता सृजन , पालन , संहारण शक्तिसे ओत प्रोत जिसे कहीं कोई मानवीय जगत से कोई सेवा सुश्रूसा , छप्पन…
Author: Banwari Lal Shastri
शराब और मौतें: भारत को विकास नहीं, नशाबंदी चाहिए शराब: एक आदमी नहीं, पूरी पीढ़ी को खा जाती है ■ नशा मुक्त भारत ही आत्मनिर्भर भारत…
महामानवों के नाम पर आडंबर और राजनीति: क्या भारत ने अपने सत्यवादियों से कुछ सीखा? रिपोर्ट: – डा० बनवारीलाल पीपर “शास्त्री” भारतवर्ष की भूमि त्याग, तपस्या…
परमेश्वरीय भूल भुलैया रूप में दिग्भ्रमित होकर स्वयं को न भटकाओ न भटको। परमेश्वरीय भूल-भुलैया में न उलझें, अपने सत्य कर्तव्यों का निर्वहन ही सच्ची पूजा…
जीवन अजब गजब पहेली है। यदि जीवन को सही सत्य ढंग से जीना आ गया, तो वही सत्य बुद्धि-विवेक जीवन की सत्य सहेली है । डा०…
सामाजिक जनसमुदाय के प्रति इतनी अन्यायपूर्ण अत्याचारीय जातिगत वर्चस्व, पद प्रतिष्ठागत वर्चस्व का इतना प्रभाव ? उन्नाव कांड : न्याय व्यवस्था पर सवाल, सत्ता संरक्षित अपराधों…
संवैधानिक मूल्यों के क्षरण और मुफ्तखोरी की संस्कृति से डगमगाता सामाजिक ढांचा विशेष टिप्पणी | सामाजिक–राजनीतिक विमर्श डा० बनवारी लाल पीपर “शास्त्री ” देश में संवैधानिक…
1 . क्रूर (संवेदन विहीन ) ना आत्मीयता, न मानवता किसी भी कार्य का सही गलत का आकलन न करते हु किसी की भी जान लेने…
मानसिक विकृतियों का बड़ा कारण: आलस्य और कर्महीन जीवनशैली – डॉ. बनवारी लाल पीपल “शास्त्री” आलस्य, अकर्मण्यता और कर्महीन जीवनशैली आज के समय में कई लोगों…
जब व्यक्ति अपना सत्य पथ भूल कर असत् कर्मों में रत हो जाता डा० बनवारी लाल पीपर “शास्त्री” का विचार डॉ. बनवारी लाल पीपर “शास्त्री”…









