महाकुंभ 2025 के दौरान सनातन धर्म संसद में मथुरा की सांसद हेमा मालिनी ने पत्रकारों से बातचीत में क्या बताया सुने । 

■सनातन धर्म दुनिया का एकमात्र ऐसा धर्म है जो सभी धर्मों का स्वागत करता है कहा सांसद हेमा मालिनी।

 

रिपोँट : विनय कुमार पचौरी 

प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ 2025 के दौरान सनातन धर्म संसद में मथुरा की सांसद और भारतीय जनता पार्टी की नेता, हेमा मालिनी ने पत्रकारों से बातचीत में सनातन धर्म की विशेषताओं और वर्तमान चुनौतियों पर अपने विचार साझा किए।

उन्होंने कहा कि आजकल कुछ अज्ञानी लोग हमारे सनातन धर्म के बारे में गलत बातें बोलते हैं और सनातनियों के खिलाफ अपशब्द कहते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सनातन धर्म दुनिया का एकमात्र ऐसा धर्म है जो सभी धर्मों का स्वागत करता है और किसी भी धर्म का विरोध नहीं करता, चाहे वह मुस्लिम हो या ईसाई।

हेमा मालिनी ने बांग्लादेश में हाल ही में हुई घटनाओं पर अफसोस जताते हुए कहा कि वहां जो हुआ, वह नहीं होना चाहिए था।

उन्होंने कहा कि हमारे मंदिरों पर अत्याचार हो रहे हैं, गौशालाओं में समस्याएं पैदा की जा रही हैं, जो नहीं होना चाहिए। उन्होंने सनातन धर्म की साझी विरासत की रक्षा के लिए सभी से एकजुट होने की अपील की।

इसके अतिरिक्त, महाकुंभ में मौनी अमावस्या के दिन हुई भगदड़ की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए हेमा मालिनी ने कहा कि यह कोई बहुत बड़ी घटना नहीं थी और इसे बढ़ा-चढ़ाकर बताया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि सब कुछ अच्छे से मैनेज कर लिया गया था और बहुत भीड़ होने के कारण मैनेज करना कठिन होता है।

धर्म संसद के दौरान हेमा मालिनी ने सनातन धर्म के महत्व पर जोर देते हुए संस्कृत श्लोकों का पाठ भी किया।

हेमा मालिनी के इन बयानों ने सनातन धर्म की रक्षा और उसकी साझी विरासत को संरक्षित रखने की आवश्यकता पर बल दिया।

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