जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में जिला पुरुष चिकित्सालय में मीजिल्स, वैक्सीन प्रिवेंटेबल डिजीज (वीपीडी) और एक्यूट फ्लैसिड पैरालिसिस (एएफपी) सर्विलांस पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में जिले के स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और विशेषज्ञ चिकित्सकों ने भाग लिया।
कार्यशाला के मुख्य अतिथि मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एन.डी. शर्मा और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आनंद उपाध्याय थे। इसके अलावा, प्रमुख वक्ताओं में डॉ. अविनेश कुमार (वरिष्ठ निश्चेतक), डॉ. सुरेंद्र पाल सिंह (बाल रोग विशेषज्ञ), और अन्य विशिष्ट चिकित्सक शामिल थे।
कार्यशाला में निम्नलिखित विशेषज्ञों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई:
डॉ. सतीश कुमार पाल (बाल रोग विशेषज्ञ, जिला महिला चिकित्सालय) डॉ. दीपक आर्या और डॉ. शक्ति कुमार मिश्रा (आर्थोपेडिक विशेषज्ञ) डॉ. अरविंद्र श्रीवास्तव (पैथोलॉजिस्ट) डॉ. शिवेष वर्मा (चेस्ट फिजिशियन) डॉ. विनय प्रकाश अग्रवाल, डॉ. भान प्रताप सिंह (ईएनटी विशेषज्ञ), और डॉ. राम द्विवेदी (आर्थो सर्जन)।
इस कार्यशाला में वैकल्पिक चिकित्सा पद्धतियों के चिकित्सकों ने भी भाग लिया, जिनमें डॉ. हाशिम अंसारी (यूनानी), डॉ. पंकज वर्मा (होम्योपैथी), और डॉ. श्रवण कुमार (आयुर्वेद) प्रमुख रहे। फार्मासिस्ट तेज प्रकाश गौतम, लैब टेक्नीशियन अशफाक अहमद और विनय सिंह ने भी अपनी सहभागिता दर्ज कराई।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य मीजिल्स, टीकाकरण द्वारा रोकी जाने वाली बीमारियों और एएफपी की रोकथाम, पहचान और उपचार पर जागरूकता बढ़ाना था। विशेषज्ञों ने इन बीमारियों के प्रबंधन में नवीनतम तकनीकों और उपायों पर विस्तृत चर्चा की।
इस आयोजन ने जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने और जनमानस में बीमारियों के प्रति जागरूकता फैलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम प्रस्तुत किया।






