Author: Banwari Lal Shastri

वैवाहिक स्वरूप का पूर्ण परम सत्य, सुख, शान्ति , आनंद यदि लेना चाहते हो तो ? सत्य भार्या, सहधर्मिणी, सहसंगिनी  का स्वरूप सत्य आचारीय सम्पूर्ण पूर्ण…

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व्यक्ति का जन्म लेने या जीवन जीने का सत्य अभिप्राय है अथवा सत्य तात्पर्य है अच्छे और सत्य कर्म करना चाहिए और ज्यादातर सम्पूर्णतया शान्त रहना…

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भारत में शासकीय प्रत्येक विभाग की निर्धारित आचार संहितायें, फिर भी विभागीय कर्मचारियों और सत्तारूढ़ लोगों पर पक्षपातीय आरोप, कार्य व्यवस्था पर, ऐसा क्यों ? रिपोँट…

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करके देख लो ईश्वरीय सत्य का आचार यही है , विश्व में मानव-मानव में शान्ति का मात्र मूल आधार यही है ■ आत्मा का सत्य हृदय…

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जब सत्यवादी को सत्य आचारीय, निश्छल, निर्मल , निष्कपट अभेदीय, मानवता के पुजारियों को बर्दाश्त नहीं किया गया । ■ और कुटिल-कपटी, साम , दाम, दण्ड…

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भारत देश में राजतंत्र, शासनसत्ता के बीच में सोशल मीडिया देश के चौथे स्तम्भ पत्रकारिता क्षेत्र में श्री रवीश कुमार जी एक आनेस्ट, ईमानदार , निर्मोही,…

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मुझे अपने द्वारा नौकरी व्यवसाय से किये गये उपार्जित धन सम्पत्ति का पता है अथवा पता होता है। कि मैने किन सात्विक-असात्विक स्रोतों से नैतिक अनैतिक…

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