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जालौन: निजीकरण के खिलाफ विद्युत कर्मियों ने की एकदिवसीय विरोध सभा

जालौन, 20 मई 2025 — राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर संगठन एवं विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति की जनपद शाखा द्वारा केंद्रीय कार्यकारिणी के निर्देशानुसार आज जनपद मुख्यालय स्थित अधीक्षण अभियंता कार्यालय परिसर में एकदिवसीय विरोध सभा आयोजित की गई। यह सभा दक्षिणांचल एवं पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के नियमविरुद्ध निजीकरण के प्रस्ताव के विरोध में की गई।

 

विरोध सभा को संबोधित करते हुए संगठन के जिलाध्यक्ष श्री जगदीश वर्मा ने कहा कि बिजली विभाग का निजीकरण आम जनता, किसानों और कर्मचारियों — किसी के भी हित में नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि विभाग का निजीकरण होता है तो बिजली दरों में भारी वृद्धि होगी, जिससे किसानों को मिलने वाली मुफ्त बिजली भी महंगी हो जाएगी और आम जनता एक बार फिर लालटेन के युग में लौट जाएगी।

 

संगठन के सचिव श्री आलोक खरे ने कहा कि निजी कंपनियां केवल अपने लाभ के लिए कार्य करती हैं, सामाजिक कल्याण उनका उद्देश्य नहीं होता। ऐसे में एक अत्यावश्यक सेवाओं वाले विभाग को निजी हाथों में सौंपना सरासर अनुचित है।

 

प्राविधिक कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष श्री परमात्मा शरण ने अपने संबोधन में कोरोना काल का उल्लेख करते हुए कहा कि जब निजी कंपनियां अपनी सेवाएं बंद कर चुकी थीं, तब सरकारी बिजलीकर्मी जान जोखिम में डालकर ड्यूटी कर रहे थे। उन्होंने सरकारी सेवा की अहमियत को रेखांकित करते हुए निजीकरण को जनविरोधी कदम बताया।

 

सभा में प्रमुख रूप से अवर अभियंता गौरव कुमार, नवीन कंजोलिया, राजकुमार, जितेंद्र वर्मा, नवीन सचान, रमाकांत वर्मा, अशोक यादव, शिवम साहू, निशांत शर्मा, नवनीत अग्रवाल, अमन खान, सुमित सनोरिया, कपिल गुप्ता, अभिषेक सिंह, अमन पांडे, अंकित, सनी, पूनम वर्मा तथा प्राविधिक कर्मचारी संगठन से देवेंद्र सिंह सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।

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कार्तिकेय गुबरेले(पत्रकार) जिला ब्यूरो चीफ क्राइम फोकस न्यूज 24×7 उरई (जालौन)