बिजली विभाग के निजीकरण के खिलाफ प्रदेशव्यापी प्रदर्शन, जालौन सहित पूरे यूपी में गूंजे विरोध के स्वर

देशभर में बिजली विभाग के निजीकरण के खिलाफ मंगलवार को जबरदस्त विरोध देखने को मिला। नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लॉइज एंड इंजीनियर्स के आह्वान पर देशभर के 27 लाख से अधिक बिजलीकर्मी एक दिन की सांकेतिक हड़ताल पर रहे। उत्तर प्रदेश में लगभग एक लाख तकनीकी व गैर-तकनीकी बिजली कर्मचारियों, संविदाकर्मियों, जूनियर इंजीनियरों और अधिकारियों ने कार्यस्थलों से बाहर निकलकर विरोध दर्ज कराया।
लखनऊ के शक्ति भवन समेत तमाम जिलों में दफ्तर सूने नजर आए और कर्मचारी सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने पूर्वांचल व दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगमों के प्रस्तावित निजीकरण को वापस लेने की मांग की।
जनपद जालौन में भी विरोध का व्यापक असर रहा। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति और राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर्स संगठन के नेतृत्व में जगदीश बर्मा, देवेंद्र सिंह,राकेश सिंह ,आलोकखरे, अधिशाषी अभियंता महेंद्र नाथ ,अधिशाषी अभियंता जितेंद्र नाथ, उपखंड अधिकारी सूरज सोनी , गौरव गुप्ता ऋषभ राजपूत,सुरेश कुमार गौरव कुमार,जितेंद्र ,राघवेंद्र ,राकेश, कुसुमलता, पूनम , हरिओम दीपक बर्मा ,अरुण कुमार ,राहुल साहू ,सौरभ ,राजकुमार ,रवि कुशवाहा कुलदीप ,अमित ,रविप्रकाश ,गौरव ,श्रवण ,निशांत ,सुनील रावि यादव,राहुल साहू,राजकुमार, सौरभ ताम्रकार,रवि कुशवाहा, ,नवनीत , बलबीर सिंह ,राजकुमार ,आदि के साथ साथ किसान संगठन विद्यार्थी संगठन के साथी भी उपस्थित हुए





