Author: Banwari Lal Shastri

तन – मन – इन्द्रियों सद्- असद्, सत् – असत्, सत्य – ■ असत्य आकर्षणों का नाम है जीवन ? रिपोर्ट: डा० बनवारी लाल पीपर “शास्त्री…

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वसुधैव कुटुम्बकम् , आत्मकुटुम्बकम् का उद्‌घोषी ही सत्य नेतृत्व करने का सत्य उत्तराधिकारी ■ऐसे ही व्यक्ति व्यक्तित्व धारी को सत्य नेता बनना चाहिए रिपोर्ट: डा० बनवारीलाल…

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जो पूर्ण निःस्वार्थी , निष्कामी , निष्कपट , सभी व्यवसनों से रहित , कहीं किसी भी स्वयं या परिवार के लोभ लाभ की इच्छा आकांक्षाओं से…

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पूर्ण आयु लम्बी आयु जीने की इच्छा,आकांक्षा  रखने वाले व्यक्ति को नही करना चाहिए  वैभव ऐश्वर्यीय रुप भोगीय रूपों स्वरूपों की ज्यादा चिंता । रिपोर्ट: डा॰…

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परम सत्ता सर्वोच्च सत्ता जगत पिता , जगद्‌माता को परमसत्य प्रिय हैं। रिपोर्ट: डा०बनवारीलाल पीपर “शास्त्री” “निर्मल जन मन सोई मोहि भावा । मोहि  कपट न…

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एक दूसरे के प्रति आत्मीयता व एक दूसरे के परिवार से परमसत्य प्रेम ही करना रखना रिपोर्ट: डा० बनवारी लाल पीपर “शास्त्री जो भार्या (धर्मपत्नी) अपने…

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 जन्म दाता माता-पिता व गुरू के लिए सदैव कृतज्ञ होते हुए रहते हुए उनकी सच्ची सेवा जो सन्तान अपने जन्मदाता व जीवन देने, पालने वाले के…

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व्यक्ति को अपनी समस्त सही व गलत कार्य गतिविधियों के लिए पूर्ण परम सत्य रूप से विचारवान होना अपने बुद्धि विवेक ज्ञान अनुभव से अनुभूति से…

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लोक हितम् मम करणीयम् – रिपोर्ट: डा0 बनवारी लाल पीपर “शास्त्री” हे परमपिता हे परम आत्मा मुझे ऐसा सत् सत्य ज्ञान प्रकाश दो / मेरे तन…

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व्यक्ति (नर-नारी,  स्त्री-पुरुष) में गलत आदतें, गलत अभ्यास पड़ने का मूल कारण रिपोर्ट: डा० बनवारी लाल पीपर “शास्त्री” @focusnews24x7.com  ■■■■■■■■■■■■■ घर परिवारीय लोगों का संस्कारीय न…

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