मानव का जीवन चुनौती पूर्ण है अथवा चुनौती भरा है। जो सत्य बुद्धि विवेक से , आत्म धैर्य से , आत्म अनुशासन से , आत्म स्थिर…
Author: Banwari Lal Shastri
व्यक्ति, परिवार के व्यक्तिगत सद् जीवन में स्वयं के निर्माण में भविष्यीय आने वाले संकटों से ताजीवन मुक्त रहने के लिए सर्वप्रथम सद् सत् सत्य आचरण…
जीने में तमाम कष्ट युक्त शारीरिक मानसिक दुःखदायी वेदनापरक भूचाल जीवन न जाने क्यो आ रहा है? रिपोर्ट : – डा ० बनवारी लाल पीपर “शास्त्री”…
इससे श्रेष्ठ तीर्थ, साधना, तपश्चर्या अन्य कहीं कोई नहीं रिपोर्ट: डा० बनवारी लाल पीपर “शास्त्री” जो माता (मां) अपने पुत्र को जन्म देने में अपना रुप,…
आज प्रत्येक जनमानस के अंत : ह्रदय में “आत्मवत् सर्वभूतेषु वेदमंत्र आत्मसात् नहीं होगा। रिपोर्ट: डा० बनवारी लाल पीपर “शास्त्री ” अपने जैसा ही सबको जानों…
संसार के व्यक्ति (नर-नारी, स्त्री-पुरुष), व्यक्ति के मिलने से शारीरिक, मानसिक, ऐंद्रिक (इन्द्रिय जनित) सभी आकर्षण सर्वांगीण और निरर्थक हैं। (उनके पूर्ण होने पर, मिलने पर,…
सर्व प्रथम उन शहीदों क्रांतिकारियों व माता बहिन बेटियों वीरांगनाओं को कोटि-कोटि नमन जिन्होंने भारत राष्ट्र की स्वतंत्रता में अपनी जान व जीवन को खतरे में…
वर्तमान समय में बहुतायत के रूप में राजसत्ता की विधायिका अथवा संसद प्रतिनिधिरुप में जितने ज्यादा से ज्यादा अपराधी तत्व प्रतिनिधि रुप में पहुंच रहे हैं…
व्यक्ति ( नर-नारी, स्त्री-पुरुष ) की गलत आदतें ही पड़ जाने पर व्यक्ति के अभ्यासित हो जाने पर वह जीवन भर दुःखदायी सिद्ध होती है और…
व्यक्तिगत अनुभव व अनुभूति को जियो । जीवन को मात्र मन बहलाने, ललचाने, कभी रोने कभी गाते हुये…





