लायें हैं हम तूफान से कश्ती निकाल के । इस देश को रखना सदा , संकट में डाल के I सिखलाते रहो जनता को उल्आ ही…
Author: Banwari Lal Shastri
उपरोक्त शास्त्रोक्त सत्य वचन यह पूर्ण परम सत्य रूप में सिद्ध करते हैं । कि यह ऊंच नीच ,छोटी बड़ी वर्णगत व्यवस्था परम सत्ता सर्वोच्च सत्ता…
संसार , जीवन , उच्चवर्ण , निम्नवर्ण विडम्बना समान क्रिया कलापीय मानव को असमानीय बना देना । जातीय घृणीय भेद का सृजन कर देना । इससे…
हे मेरे परम सत्य ” ईश्वर अंश जीव अविनाशी ” के नाते “आत्मवत् सर्वभूतेषु ” के नाते “वसुधैव कुटुम्बकम” के नाते आत्मीय जनों, आत्मीय बन्धुओं , आत्मीय माताओं,…
हे विश्व, राष्ट्र, समाज के लोगों (नर नारियों, स्त्री पुरुषों) जागो ? धर्म, ईश्वर पूजा, साधना, आराधना, त्याग, तपश्चर्या जो यथार्थ व पूर्ण परमसत्य है। उसको…
आज शासकीय तन्त्र में अथवा सत्ता तंत्र में अपराधी तत्वों का वर्चस्व । इसे रोकने के लिए कोई कानून नियम नीति नैतिकता युक्त न बन पाने…
जब तक व्यक्ति ईश्वरीय / प्रकृति स्वरूपीय नियम नीति आचार विधान से नहीं चलता ? तब तक गीता, रामायण , कुरान , बाईबिल, गुरुग्रन्थ साहिब ,…
असत्य का वरण व सत्य का त्याग रिपोर्ट:डा० बनवारी लाल पीपर “शास्त्री” व्यक्ति की नैतिक पतनीय मानसिकता, मनोसोच मात्र निज सुख स्वार्थ में अन्धे , बे-ईमान…
सत्य तत्त (सार ) वेत्ता महामानव , राष्ट्रकवि श्री मैथली शरण जी गुप्त एवं महामानव सत्य तत्त वेत्ता श्री रामधारी सिंह जी ‘दिनकर’ की परम सत्य…


