वाह रे राष्ट्र के मंत्री पद ? जिनकी संताने अहंकार वशीभूत होकर निरपराध निर्दोषों पर गाड़ियां चढ़ाकर प्राण ले लेते हैं। जबकि वे लोग अपने दृष्टिकोण…
Author: Banwari Lal Shastri
अब मनुष्य (नर-नारी , स्त्री-पुरुष ) के जीवन का क्या होगा अंजाम, बचा ले ऐ मौला ऐ राम । रिपोँट : डा० बनवारी लाल पीपर “शास्त्री”…
वैवाहिक स्वरूप का पूर्ण परम सत्य, सुख, शान्ति , आनंद यदि लेना चाहते हो तो ? सत्य भार्या, सहधर्मिणी, सहसंगिनी का स्वरूप सत्य आचारीय सम्पूर्ण पूर्ण…
व्यक्ति का जन्म लेने या जीवन जीने का सत्य अभिप्राय है अथवा सत्य तात्पर्य है अच्छे और सत्य कर्म करना चाहिए और ज्यादातर सम्पूर्णतया शान्त रहना…
भारत में शासकीय प्रत्येक विभाग की निर्धारित आचार संहितायें, फिर भी विभागीय कर्मचारियों और सत्तारूढ़ लोगों पर पक्षपातीय आरोप, कार्य व्यवस्था पर, ऐसा क्यों ? रिपोँट…
अपना जीवन दीप अपने आत्म अनुभव, आत्म अनुभूति से जलाएँ । महा आत्मा बुद्ध ने अपनी आत्म साधना की खोज में पाया इस सृष्टिजगत के मानव…
करके देख लो ईश्वरीय सत्य का आचार यही है , विश्व में मानव-मानव में शान्ति का मात्र मूल आधार यही है ■ आत्मा का सत्य हृदय…
जब सत्यवादी को सत्य आचारीय, निश्छल, निर्मल , निष्कपट अभेदीय, मानवता के पुजारियों को बर्दाश्त नहीं किया गया । ■ और कुटिल-कपटी, साम , दाम, दण्ड…
भारत देश में राजतंत्र, शासनसत्ता के बीच में सोशल मीडिया देश के चौथे स्तम्भ पत्रकारिता क्षेत्र में श्री रवीश कुमार जी एक आनेस्ट, ईमानदार , निर्मोही,…
मुझे अपने द्वारा नौकरी व्यवसाय से किये गये उपार्जित धन सम्पत्ति का पता है अथवा पता होता है। कि मैने किन सात्विक-असात्विक स्रोतों से नैतिक अनैतिक…




