Author: Banwari Lal Shastri

व्यक्ति (नर-नारी , स्त्री-पुरुष) जहाँ जिस स्थान (जगह ) पर हो घर परिवार में , उसके अपने माता पिता, भाई बहिन, पति हो या पत्नी, पुत्र…

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ईश्वर की प्रियता व उसको पाने का मार्ग विषम नहीं हो सकता है। संसारीय जीव , प्राणी ,मानव से विलग नहीं हो सकता है। समाज से…

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मानव ( नर नारी , स्त्री पुरुष) गृहस्थीय आस्थायें आज वीभत्स स्वरूपीय खतरे में आ गयी हैं । एक दूसरे द्वारा अविश्वासीय रुप में जान लेना…

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उस महान व्यक्तित्व को अश्रु पूर्ण श्रद्धा सुमन अर्पित वह फिल्म नगरी में अपने गुण स्वभाव सीधापन सरल व्यक्तित्व के रूप में जाने जाते थे उनकी…

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धूर्त पाखण्डियों के साथ , झूठ फरेबीय संरचनाकारों, प्रवचनकारों, रचनाकारों के साथ इस सृष्टि धरातल पर परमेश्वरीय प्रकृतिस्वरूपा पितृ मातृ सत्ता ने अपनी रचना में जैसे…

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लायें हैं हम तूफान से कश्ती निकाल के । इस देश को रखना सदा , संकट में डाल के I सिखलाते रहो जनता को उल्आ ही…

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उपरोक्त शास्त्रोक्त सत्य वचन यह पूर्ण परम सत्य रूप में सिद्ध करते हैं । कि यह ऊंच नीच ,छोटी बड़ी वर्णगत व्यवस्था परम सत्ता सर्वोच्च सत्ता…

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